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Manorma srivastva गज़ल Ghazal मंज़िलों का है मुश्किल सफ़र (Manzilon ka hai mushkil safar)

सारी दुनिया में इक दीदवर , कहकशाँ में हो जैसे क़मर । मंज़िलों का है मुश्किल सफ़र , राह चलना है अब उम्र भर । दिल में ख़्वाबों का इक आसमाँ ,  उड़ता रहता है मन रात भर । चाहिए क्या तुझे ज़िन्दगी ,  सीख पाया न कोई हुनर । शायरों से सजी महफिलें , एक से एक हैं ताज़ वर । मान जा माफ़ कर दे ख़ता ,  रूठ मत मुझसे जाने ज़िगर । खूबसूरत डगर इश्क़ की , चलता इस राह पर हर बशर । मत वफ़ा आज़मा तू मेरी , छलनी छलनी है मेरा ज़िगर । ज़ीस्त यादों का इक कारवां  , इक 'मनोरम' सदी हिज़्र भर । मनोरमा श्रीवास्तव 'मनोरम'  27**08**2022

Rajesh Tiwari (रात में जन्में नन्दकिशोर)Raat main janme nand kishore

ऊँ रात में जन्में नन्दकिशोर गोकुल  में  मच गयो शोर । रात में जन्में नन्द किशोर ।।  माता यशुमति अति हरषावे ।   व्रज  बाला  सब नाचें गावें ।। वन में खग मृग करें किलोर । रात में ..................१ नन्द मैहर मन मोद है भारी । मणि माणिक्य होय न्यौछारी ।। बाजे बज रहे  है घनघोर । रात में .................२ दही माखन की लूट मचा दई । गहने वसन न्यौछार करा दई ।। छाओ आनन्द है चहु ओर । रात में .................३ मक्खन मन में मोद मना रहे । श्रीहरि की विरदावलि गा रहे ।। कूके कोयल और नाचें मोर । रात में ................४ राजेश तिवारी 'मक्खन' झांसी उ प्र

Rajesh Tiwari ((एक बार फिर आओ श्याम)Ek baar phir aao shyam

 ऊँ एक बार फिर आओ श्याम एक बार फिर आओ श्याम । वंशी मधुर बजाओ श्याम ।। गीता ज्ञान सुनाओ श्याम । सरल ह्रदय से ले रहे नाम ।। अब अन्याय बढ़ा है भारी । आ जाओ हे गिरिवरधारी ।। गऊ माता है बहुत दुखारी । तुम भक्तन की विपदा टारी ।। रटते नाम ये आठो याम । एक बार ...........,१ जमुना जी का जल प्रदूषित । अन्यायी शासक होय भूषित ।। देख दावानल वन में दहकी । ए मदिरा मंचों पर भी महकी ।। रिस्वत बिन होते नहीं काम । एक बार ............२ कर्म अकर्म को मानव भूला । पाकर कष्ट बहुत है कूला ।। फिरता अहंकार में फूला । झूठ कपट से जलता चूला ।। गीता ज्ञान सिखाओ श्याम । एक बार ..............३  मित्र सुदामा भटक रहा है । जनता हक नृप गटक रहा है ।। परदुख देख के मटक रहा है। सम्बन्धों का घट चटक रहा है ।। पाखण्डी बन गये तमाय । एक बार ...........४ राजेश तिवारी 'मक्खन' झांसी उ प्र

Vijay D Goyal (कदम अपने बढ़ाता चल) Kadam apne badhata chal

 देखकर प्रचंड तूफानों को,हिम्मत अपनी खो ना देना। तू हारकर पथ के पथिक,नयन अपने भिगो ना देना। तू राह के रोड़े हटाता चल। तू कदम अपने बढाता चल।। जग में कौन है ऐसा,जिसे सहज कुछ मिला है। जिसने सहा तेज धूप को,वही पुष्प खिला है। मुसीबतों को गले लगाता चल। तू कदम अपने बढाता चल। तेरा भी विजय केतु,इक दिन शिखर पे लहरायेगा‌। अपने अडिग इरादों से,तू भी मंजिल पा ही जायेगा। गीत खुशी के गुनगुनाता चल। कदम अपने बढाता चल। 🖊️विजय डी गोयल जैसलमेर,राजस्थान

Rajesh Tiwari "Makkhan" (तिरंगा)Tiranga

  नदियों में सबसे पावन मेरी माता गंगा है। मेरी शान तिरगा है । मेरी जान तिरंगा है ।। हरा रंग है हरियाली का संदेश सुनाता है । और चक्र चलते चलते यह गीत भी गाता है ।। सत्य श्वेत सा फला यहाँ सद्भाव अभंगा है । मेरी जान ....,१ केसरिया है त्याग तपस्या का ताना बाना । नही झुकेगा नही झुकेगा सही जगत माना ।। शांति का सागर है भारत ध्वज तरंगा है । मेरी जान .....२ झंडा का डंडा भी देखो है अदम्य शक्ति । नर नारी और बाल वृद्ध सब करते है भक्ति ।। अवनी से ले अंतरिक्ष तक मन मेरा चंगा है । मेरी जिन .......३ वंदे मातरम् भारत मां की जय जयकार करो । जन्म लिया मातृभूमि हित इसी के लिए मरो ।। देश भक्ति के भाव को भरता मन चौरंगा है । मेरी शान ......४ राजेश तिवारी मक्खन  झांसी उ प्र

Asha Jakhar ki (मित्रता)

    मित्रता सुखी जीवन का आधार,  मित्रता से आती जीवन में बहार।   मित्रता से सजता घर -  परिवार,  मित्र से लगता साथ पूरा संसार। मित्रता अमीरी- गरीबी न देखती, मित्रता जाति -पांति भी न देखती। मित्रता में होती  निस्वार्थ भावना , पररस्पर प्रेम और भ्रातृत्व भावना।  मित्रता  एक सुन्दर सा  एहसास,  मित्रता जीवन की  अद्भुत प्यास । मित्रता का आधार ही है विश्वास,  मित्रता अंधेरे जीवन का प्रकाश।  मित्रता  हमारे जीवन का सहारा, मित्र ही बढ़ाते हैं हौसला हमारा। मित्रता न होने पर होते हैं बेसहारा,  मित्रता  से दिखता सुन्दर नज़ारा। मित्रता से बनता जीवन खुशहाल,   मित्र देते हैं आगे बढ़ने की .प्रेरणा। मित्रता करते समस्या का निवारण,  मित्र करते हैं नव जीवन- निर्माण। मित्रता करते अच्छाई की प्रशंसा,  गलतियों की करते हैं आलोचना।  भटकने पर बताते हैं सही रास्ता,  और बन जाते हैं सच्चे पथ दृष्टा। मित्रों से ही होते हम खुशनसीब, और नहीं है तो सबसे बदनसीब।  मित्र नहीं,जिसके होता है गरीब, मित्...

Asha Jakhar ki kavita (दोस्ती)

 दोस्ती 🌸🌸🌸 दोस्ती एक अनमोल रिश्ता है दोस्ती एक खूबसूरत रिश्ता है 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 दोस्ती दिलों को जोड़ती है यह हर दुखों को तोड़ती है 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 दोस्त हो श्री कृष्णा और सुदामा जैसे दोस्त हो श्री राम और सुग्रीव जैसे  ,,🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 हमें रिश्ते चुनने की आजादी नहीं होती है  पर हमें दोस्त चुनने की आजादी होती है 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 दोस्त को कभी न खोना तुम दोस्त को दिल में बसाना तुम 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 आज दोस्ती सिर्फ यादों में रह गई है हर बात दोस्तों की याद आती है 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 दोस्ती में कभी वह कभी हम रूठ जाया करते हैं  तो कभी वह कभी हम मना लिया करते हैं 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 हर दुख हर सुख साथ दिया हमने हर हार हर जीत में साथ दिया हमने 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 यह यकीन हमेशा दिल में कायम रखोगे जब भी पुकारोगे हमें अपने पास पाओगे 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 कभी वह बचपन के दोस्त बहुत याद आते हैं जो साथ हंसते मुस्कुराते थे 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 कुछ साथ है कुछ ना जाने कहां खो गए हैं दोस्ती नायाब होती है इसे हमेशा संभाल कर रखना 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 लता सेन इंदौर

Asha Jakhar ki kavita रक्षाबंधन का त्यौहार ( कवियत्री : आशा जाखड़)

        आया रक्षाबंधन का त्यौहार।  लाया खुशियों का उपहार ।। बच्चे- बच्चे पुलक रहे हैं ,हम राखी बंधवाएंगे , अपनी -अपनी बहनों से मंगल टीका करवाएंगे।  भैया देंगे बहना को उपहार,  आया रक्षाबंधन का त्यौहार।  डाल -डाल पर फूल खिले ,गायें खुशी के गीत रे,  राखी का संदेश सुनाएं भाई- बहन की प्रीत रे ।   झूमे ,नाचे पूरा ये  संसार ,  आया रक्षाबंधन का त्यौहार ।   पवित्रता का भाव भरा है इस छोटे से धागे में,  भाई- बहन का प्यार बंधा है लाल रंग के धागे में।  लाया रस की भीनी फुहार , आया रक्षाबंधन का त्यौहार। सरहद पर जो डटे‌ सिपाही उनको राखी भेजेंगे पहले राखी वो पहनेंगे , फिर हम राखी बांधेंगे। उनका भी घर - परिवार आया रक्षाबंधन का त्यौहार  आशा जाकड़ 9754969496