Rajesh Tiwari (रात में जन्में नन्दकिशोर)Raat main janme nand kishore
ऊँ
रात में जन्में नन्दकिशोर
गोकुल में मच गयो शोर ।
रात में जन्में नन्द किशोर ।।
माता यशुमति अति हरषावे ।
व्रज बाला सब नाचें गावें ।।
वन में खग मृग करें किलोर ।
रात में ..................१
नन्द मैहर मन मोद है भारी ।
मणि माणिक्य होय न्यौछारी ।।
बाजे बज रहे है घनघोर ।
रात में .................२
दही माखन की लूट मचा दई ।
गहने वसन न्यौछार करा दई ।।
छाओ आनन्द है चहु ओर ।
रात में .................३
मक्खन मन में मोद मना रहे ।
श्रीहरि की विरदावलि गा रहे ।।
कूके कोयल और नाचें मोर ।
रात में ................४
राजेश तिवारी 'मक्खन'
झांसी उ प्र
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें