Rajesh Tiwari "Makkhan" (तिरंगा)Tiranga

 


नदियों में सबसे पावन मेरी माता गंगा है।

मेरी शान तिरगा है ।

मेरी जान तिरंगा है ।।

हरा रंग है हरियाली का संदेश सुनाता है ।

और चक्र चलते चलते यह गीत भी गाता है ।।

सत्य श्वेत सा फला यहाँ सद्भाव अभंगा है ।

मेरी जान ....,१

केसरिया है त्याग तपस्या का ताना बाना ।

नही झुकेगा नही झुकेगा सही जगत माना ।।

शांति का सागर है भारत ध्वज तरंगा है ।

मेरी जान .....२

झंडा का डंडा भी देखो है अदम्य शक्ति ।

नर नारी और बाल वृद्ध सब करते है भक्ति ।।

अवनी से ले अंतरिक्ष तक मन मेरा चंगा है ।

मेरी जिन .......३

वंदे मातरम् भारत मां की जय जयकार करो ।

जन्म लिया मातृभूमि हित इसी के लिए मरो ।।

देश भक्ति के भाव को भरता मन चौरंगा है ।

मेरी शान ......४


राजेश तिवारी मक्खन

 झांसी उ प्र

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Dr. Sangeeta Sharma kundra सेवा परमो धर्म अर्थात सेवा ही परम धर्म है (sewa parmo dharma)sewa hi param dharam hai

Kavi SL Dhawan सुर न हो तो बांसुरी में कुछ नहीं

Kavi S L Dhawan Ghazal प्राण संकट में पड़ें तो नाम लीजे राम का