Asha Jakhar ki kavita रक्षाबंधन का त्यौहार ( कवियत्री : आशा जाखड़)
आया रक्षाबंधन का त्यौहार।
लाया खुशियों का उपहार ।।
बच्चे- बच्चे पुलक रहे हैं ,हम राखी बंधवाएंगे ,
अपनी -अपनी बहनों से मंगल टीका करवाएंगे।
भैया देंगे बहना को उपहार,
आया रक्षाबंधन का त्यौहार।
डाल -डाल पर फूल खिले ,गायें खुशी के गीत रे,
राखी का संदेश सुनाएं भाई- बहन की प्रीत रे ।
झूमे ,नाचे पूरा ये संसार ,
आया रक्षाबंधन का त्यौहार ।
पवित्रता का भाव भरा है इस छोटे से धागे में,
भाई- बहन का प्यार बंधा है लाल रंग के धागे में।
लाया रस की भीनी फुहार ,
आया रक्षाबंधन का त्यौहार।
सरहद पर जो डटे सिपाही उनको राखी भेजेंगे
पहले राखी वो पहनेंगे , फिर हम राखी बांधेंगे।
उनका भी घर - परिवार
आया रक्षाबंधन का त्यौहार
आशा जाकड़
9754969496
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