S L Dawan Kamal Kavita नज़रिया Nazaria

 नज़र आता नहीं जिनको कहीं भगवान दुनिया में,

वही हर दम उठाते हैं कोई तूफान दुनिया में।

इकट्ठा वो किये जाएं सदा सामान दुनिया में


अहम् लगती है जिनको  सिर्फ अपनी जान दुनिया में।

यहां इन्साफ़ कैसा है,ज़रा देखो तमाशा ये,

सयाने मार खाते हैं,सुखी नादान दुनिया में।

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