गज़ल( द्वारा प्रोफेसर सुदेश नूर)—Ghazal by professor Sudesh Noor
गजल
हर ख़ौफ़ को इस दिल से भगाने बात कीजिए
जब तक है जीवन हँसने हँसाने की बात कीजिए
बेवजह दिल पे ख़ौफ़ का ना कोई बोझ भी रहे
इस दिल में अब खुदा को बसाने की बात कीजिए
कोई भी लफ़्ज़ ऐसा ज़ुबाँ पे कभी भी आये ना
दिल किसी का ना आप दुखाने की बात कीजिए
यह जिंदगी है मुख़्तसर , बस प्यार से गुज़ारिए
कोई रूठ गर जाये तो मनाने की बात कीजिए
हर छोटी छोटी बात पर नाराज़ होना ग़लत है
रिश्ते अज़ीज़ हैं तो निभाने की बात कीजिए
साथी अगर नादान है तो आप ही कुछ सोचिए
उसे “नूर”मुहब्बत से समझाने की बात कीजिए
सुदेश मोदगिल नूर
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